मुख्यमंत्री बोले, हरियाणा में घरेलू गैस की कोई दिक्कत नहीं
केंद्र ने हरियाणा के लिए करीब 9 लाख लीटर केरोसिन तेल जारी किया

सत्य खबर हरियाणा
LPG crisis : हरियाणा में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को अल सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि सुबह 7 बजे से पहले ही लोग सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो गए। पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि एजेंसी का सर्वर डाउन रहने के कारण गैस वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिसके चलते सुबह से लाइन में लगे कई उपभोक्ता दोपहर बाद तक भी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। भीड़ को देखते हुए एजेंसी की खिड़कियों की संख्या भी बढ़ाई गई, लेकिन इसके बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल रहा।
मुख्यमंत्री का बयान
इधर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घरेलू एलपीजी पेट्रोल और डीजल आपूर्ति पर बयान जारी करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हरियाणा में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई है। तेल कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि राज्य में पर्याप्त स्टॉक है, गैस की भी आपूर्ति निरंतर हो रही है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेल कंपनियां शेष आपूर्ति सुचारु करने के लिए लगातार प्रयासरत है। सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की चोरी, कालाबाजारी या जमाखोरी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनावश्यक घबराहट या भंडारण से बचने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क और हर घर तक घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केरोसिन कोटा
ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत केरोसिन तेल का अतिरिक्त आवंटन करने का फैसला लिया है। इसके तहत हरियाणा को 8.76 लाख लीटर (876किलोलीटर) केरोसिन तेल प्राप्त हुआ है। अब हरियाणा खाद्य एवम आपूर्ति विभाग की तरफ से केरोसिन तेल के वितरण का खाका तैयार किया जाएगा।
हरियाणा सरकार की तरफ से केरोसिन तेल वितरण में बीपीएल कार्ड धारक परिवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है। राज्य में इनकी संख्या 1.59 लाख सदस्य है। सवाल है कि अब केरोसिन का इस्तेमाल लोग कैसे करेंगे? केंद्र के निर्देशों के अनुसार केरोसिन तेल का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) या तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट के जरिए किया जा सकेगा।
राज्यों को अधिकार दिया गया है कि वे अपने स्तर पर वितरण का तरीका और पात्रता तय करें। हरियाणा में भी जरूरत के अनुसार वितरण की योजना राज्य सरकार तय करेगी। केंद्र ने कहा कि आवंटित केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी के लिए ही किया जाएगा। राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका इस्तेमाल पेट्रोल या डीजल में मिलावट या किसी अन्य गलत उद्देश्य के लिए न हो। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
निर्देशों के मुताबिक राज्यों को आवंटित केरोसिन की पूरी मात्रा 45 दिनों के भीतर उठानी होगी। अगर तय समय में उठान नहीं होता है तो शेष मात्रा आगे के लिए सुरक्षित नहीं रखी जाएगी। मौजूदा कीमतों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
डीजल भट्टियों और इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी
डीजल भट्टियों के कारोबारियों के पास इसको लेकर लगातार फोन आ रहे हैं। लोग उनको एडवांस देने को तैयार हैं, लेकिन वे एडवांस लेने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि इसकी डिमांड जितनी है, उतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। डीजल भट्टियों और कमर्शियल इंडक्शन के कारोबार से जुड़े व्यापारी कहते हैं कि डिमांड तो ज्यादा है लेकिन सामान नहीं है। पहले साल में दस डीजल की भट्ठियों की मांग होती थी, लेकिन आज 100 की मांग पिछले दो दिनों में आ रही है। वे कहते हैं कि कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों की भी भारी मांग आ रही है।
इतना ही नहीं घरेलू उपभोक्ता अब गैस की कमी को देखते हुए इंडक्शन चूल्हे, कुकर और इलेक्ट्रिक कैटल की मांग भी करने लगे हैं। इस कारोबार से जुड़े मोहन कहते हैं कि इंडक्शन चूल्हे और अन्य सामान की मांग एकदम ऊपर हो गई है। पहले करीब दस से पंद्रह की मांग होती थी, लेकिन अब ये 40 से 60 की हो गई है। हालांकि वे कहते हैं कि इंडक्शन कुकर और कैटल से ज्यादा मांग इंडक्शन चूल्हे की हो रही है। इनकी मांग में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लोग इनकी मांग ज्यादा कर रहे हैं।
इंडक्शन चूल्हे की सप्लाई करने वाले कृष्ण दत्त भी कहते हैं कि इनकी मांग में एकदम तेजी आ गई है। गैस की कमी के चलते लोग इनको खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं। वे भी कहते हैं कि डीजल भट्टियों की मांग भी एकदम बढ़ गई है। ज्यादातर लोग इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं।
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